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Vaishnavastra(वैष्णव अस्त्र) – Fastest Weapon Of Vishnu

Vaishnavastra(वैष्णव अस्त्र) – Fastest Weapon Of Lord Vishnu [Hindi] 

महाभारत के युद्धमें हमें अनेको अनोखे और महाशक्तिशाली अस्त्र और शस्त्रों के वर्णन दिखाई देते हे | इन अस्त्रों के वर्णन सेही हम इनकी ताकद का अनुमान लगा सकते हे | और अगर हम इसीतरह से इन अस्त्रों का आजके आधुनिक अस्त्रों से comparison कर तब भी हम पायेंगे की महाभारत कालीन सभ्यता ने किस तरह के अस्त्रों का निर्माण कर रख्खा था | हम हमारी mythological weapon शृंखलामें इन्ही अस्त्रों के बारे में चर्चा करते हे |  

वैष्णव अस्त्र (vaishnavastra/ vaishnav astra)

दुनिया की आजतक की weapons history में शायद वैष्णवास्त्र(vaishnavastra) से तेज अस्त्र आजतक बनाया नहीं जा सका | किसी योद्धा ने अगर एकबार vaishnavastra का आवाहन कर इसका संधान कर दिया तो सिवाय भगवान विष्णुके अन्य कोईभी इसे निरस्त नहीं कर सकता था |

नमस्कार मित्रो स्वागत हे आपका मिथक टीवी कीअधिकृत वेबसाइट पर | प्राचीन अस्रो की शृंखला में आजके आर्टिकल में हम आपको भगवान् विष्णु के बनाये वैष्णवास्त्र (Vaishnavastra) के बारे में बताएँगे |

वैष्णव इस शब्द का अर्थ ही होता हे विष्णु का या फिर भगवान विष्णुसे सम्बंधित, जैसे की वैष्णव साम्प्रदाय वो संप्रदाय होता हे जो भगवान् विष्णु को सर्वोच्च मानता हे | वैष्णवास्त्र भगवान विष्णुसे सम्बंधित एक अस्त्र था |  

वैष्णवास्त्र का वर्णन (Writtings About Vaishnavastra/ Vaishnav Astra)

अवहित किये गए वैष्णवास्त्र के सामने कोई भी प्राणी, मनुष्य, असुर, यहातक देवता या फिर देवताओ के राजा इंद्र तक टिक नहीं सकता | हर चीज, जो जिन्दा हे वैष्णवास्त्र उसे मारने में काबिल हे | वैष्णव अस्त्र के निर्माता खुद भगवान् विष्णु हे | और इस कारन इस अस्र को सिर्फ भगवान विष्णु से प्राप्त किया जाता हे |

महाभारत युद्ध और वैष्णव अस्त्र (Kurukshetra War and Vaishnavastra(Vaishnav Astra))

महाभारत में एक योद्धा था, प्रागज्योतिष के राजा भागदत्त | इस भागदत्त के पास वैष्णव अस्त्र था | महाभारत युद्ध के समय कौरवो की और से लढ रहे भागदत्त ने इस अस्त्र का उपयोग अर्जुन पर किया था | जब ये अस्त्र अर्जुन का विनाश करने ही वाला था | और अर्जुन इस अस्त्र खिलाफ तीर छोड़ने वाले थे की भगवन श्रीकृष्ण बिच में आ जाते हे | भगवान कृष्ण तो खुद विष्णु थे |
जैसे ही भागदत्त द्वारा छोड़ा वैष्णवास्त्र भगवान श्रीकृष्ण से टकराता हे …वो फूलो की माला, वैजन्ती माला में परावर्तित हो जाता हे |

  जब अर्जुन भगवान श्रीकृष्ण से पूछते हे, की उन्होंने ऐसा क्यों किया ?? तब भगवान् श्रीकृष्ण बताते हे | “भागदत्त ने छोड़ा हुवा अस्र कोई साधारण अस्र नहीं था वो वैष्णवास्त्र था | भगदत्त को ये उसके पिता नरकासुर से मिला था | नरकासुर ने सालो तक माता भूदेवी की आराधना की थी | प्रसन्न होकर उन्हें ये अस्त्र माता भूदेवी यानि माता पृथ्वी से प्राप्त हुवा था | जब भगवान् विष्णु का वराह अवतार चल रहा था तब माता भूदेवी को ये अस्त्र भगवान् विष्णु के अवतार भगवान वराह ने दिया था | श्रीकृष्ण ने आगे उन्होंने बताया ” सृष्टि का कोई भी जीवित प्राणी इस अस्त्र के प्रभाव के आगे टिक नहीं सकता और सिर्फ और सिर्फ भगवान् विष्णु ही इसे निरस्त कर सकते हे इसी कारन उन्होंने इस अस्त्र को अपने ऊपर लिया, और अर्जुन के प्राणों की रक्षा की” | बादमे अर्जुन ने इस मौके का फायदा उठाकर भागदत्त का वध कर दिया था |  

वैष्णवास्त्र की ताकद (Power Of Vaishnavastra/ Vaishnav Astra)

वैष्णव अस्त्र को शत्रु की दिशा में न चलते हुए आकाश की और चलाते हे | जब वो काफी ऊंचाई पर पुहचता हे तो फिर वहासे वो दुश्मन की तरफ बड़ी तेजी से बढ़ता हे | विष्णु पूराण के अनुसार महाभारत और रामायण के युद्हो में वर्णित सभी हथियारों से वैष्णवास्त्र तेज हे | और इसकी इसी तेजी के कारन इसका प्रतिबन्ध करना नामुनकिन हे | वर्तमान दुनिया की बलेस्टिक मिसाइल से इसकी तुलना की जा सकती हे पर तेजी में वैष्णवास्त्र इनसे भी काफी तेज था |

किन किन योद्धाओ के पास था वैष्णव अस्त्र??(Who Had Vaishnavastra ?)

रामायण के समय वैष्णवास्त्र भगवन राम और इन्द्रजीत को पता था |महाभारत युद्ध के समय ये अस्त्र श्रीकृष्ण, परशुराम, भागदत्त और उसके पिता नरकासुर, श्रीकृष्ण पुत्र प्रद्युम्न और महारथी कर्ण को पता था |  

क्या कर्ण को वैष्णव अस्त्र पता था ?? (Does Karna Had Vaishnavastra?)

“According to Mahabharata Karna had Vaishnavastra, as said by Parshurama. Karna has each and every weapon except Parshu in his armour. And Parshurama also had a Vaishnavastra (Parshurama is also incarnation of vishnu)”

कर्ण को ये अस्त्र पता था या नहीं…. इस विषय में दोमत हे | पर कर्ण के पास ये अस्त्र जरूर था | परशुराम के सम्बन्ध में आये एक श्लोक के अनुसार परशुराम कहते हे की सिर्फ परशु को छोड़ दे तो कर्ण के पास वे सब अस्र हे जो उनके पास हे |

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Mythak

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