Categories: Stories

पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी (Pandharpur)

पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी. आषाढ महिने कि एकादशी यांनी ग्यारवे दिन पंढरपूर पुहचने के लिये महाराष्ट्र और कर्नाटक के लाखो लोग एक पवित्र भावना लेकर पंढरपूर के भगवान विठोबा के दर्शन के लिये निकाल पडते हे, महाराष्ट्र मे वारकरी संप्रदाय कि अपने गाव से पंढरपूर तक जानेवाली दिंडी यांनी यात्राये हिंदू धर्म कि पवित्रता का दर्शन करती हे… आज के एपिसोड मे हम बात करेंगे पंढरपूर के भगवान विठ्ठल के बारे मे. नमस्कार मित्रो स्वागत हे आपका मिथक टीवी की अधिकृत website पर. प्राचीन भारतीय ग्रन्थ और इतिहास से जुडी कथाओ के लिए हमे जरुर पढते रहिये

पुंडलिक और कुक्कुट ऋषी कथा

एकबार पुंडलिक नाम का एक युवक काशी की यात्रा पर निकल पड़ा था, जब वो जंगल से गुजर रहा था, तब वो रास्ता भटक गया, भटके हुये रास्ते पर उसे एक आश्रम दिखा … वो आश्रम था कुक्कुट ऋषि का.! आश्रम पुहचकर पुंडलिक ने महर्षि कुक्कुट से काशी जाने का रास्ता पूछा. तब ऋषि ने बताया की वे आजतक कभीभी काशी नही गए और इसीकरण उन्हे रास्ता भी पता नाही हे, पुंडलिक ने ये सुनते ही ऋषि का उपहास किया और कहा “किस तरह के ऋषि हो आप ??, जो अपने आप को ऋषि समजते हो और एकबार भी काशी नहीं गए”. कुक्कुट ऋषि का उपहास कर पुंडलिक आगे अपनी यात्रा के लिए निकल पड़ा.

  पुंडलिक आश्रम से थोड़ी ही दूर गया था की उसे कुछ स्रीयो की आवाज सुनाई देने लगी.. उसने देखा की आवाज कहा से आ रही हे. इधर उधर देखने के बाद पता चला की आवाज तो आश्रम सेही आ रही हे, और आश्रम में तो कोई स्री नहीं थी… वो विस्मय से फिर आश्रम की तरफ चल दिया… जब वो आश्रम पुहचा तो उसने पाया की ३ औरते पानी से आश्रम को साफ़ कर रही हे, जब उसने उनसे पूछा तो उसे पता चला की वो तिन औरते माँ गंगा, माता सरस्वती और माँ यमुना हे.

  पुंडलिक आश्चर्य से दंग रह गया … की कैसे ये तीनो उस ऋषि के आश्रम की पवित्रता बनाये हुए हे जिसे काशी के दर्शन तो छोडिये… काशी का मार्ग तक पता नहीं हे. तब माँ गंगा, यमुना और सरस्वती ने उसे बताया की “पवित्रता और श्रधा तो मन में होती हे ये जरुरी नहीं हे की आप पवित्र स्थलों की यात्रा करे या फिर कर्मकांड करे, कुक्कुट ऋषि ने अपने जीवन में पवित्र मन से अपने माँ-बाप की सेवा की हे, और इसीकारण उन्होंने इतना पुण्य अर्जित किया हे की वे मोक्ष प्राप्त कर सकते हे”.पुंडलिक अपने बूढ़े माँ-बाप को छोड़ काशी निकला था, इस बात से उसकी आंखे खुल गयी, और वो वापस घर पुहचा और अपने मा और पिता को लेकर उसने काशी की यात्रा करी  

भगवान विठ्ठल पंढरपूर कैसे आये?

इस घटना के बाद, पुंडलिक का… जैसे जीवन ही बदल गया था. अब उसका जीवन अपने माँ-बाप की सेवा में चला जाता था. पुंडलिक की मातृ-पितृ भक्ति इतनी असीम थी की, एकबार भगवान कृष्णको भी पुंडलिक के घर जाने का मोह हुवा. भगवन कृष्ण जब पुंडलिक के घर पुहचे तो पुंडलिक अपने माता-पिता की सेवा कर रहा था. अपने घर मेहमान बन कर भगवन आये देखकर उसे काफी ख़ुशी हुये पर उसका मन थोडा भी विचलित नहीं हुवा, उसने अपने पास पड़ी एक इट को भगवन को खड़े रहने के लिए दीया और अपणे माता पिता कि सेवा मे लीन होगया.  

  माता-पिता की सेवा होने के बाद पुंडलिक भगवान कृष्ण के सामने गया और उनसे क्षमा मांगी, भगवन कृष्ण उनकी मातृ-पितृभक्ति को देख काफी प्रसन्न हुए और उन्हें वर मांगने के लिए कहा. पुंडलिक ने कहा “भगवान् मेरे लिए इंतजार करते रहे, इस से ज्यादा क्या हो सकता हे” पर भगवन कृष्ण ने आग्रह किया, तो पुंडलिक बोले की “आप पृथ्वीपर निवास करे, और यही रहकर अपने भक्तो पर अपनी छाया बनाये रख्खे” तब से भगवन कृष्ण उसी इट पर पंढरपूर क्षेत्र में खड़े हे विठोबा शब्द का अर्थ भी यही होता हे “भगवन जो इट पर खड़ा हे”

  पंढरपुर में स्थित भगवन विठ्ठल की मूर्ति स्वयंभू हे यानि इसे किसी भी मूर्तिकार ने नहीं तराशा हुवा, और वो अपने अस्तित्व मेंही उसी आकार में आई हे. आप को पुंडलिक और पंढरपूर के भगवान विठ्ठल कि कहाणी (Pandharpur) कैसा लगा हमें जरूर बताये, साथ ही कमेंट कर बताये आप क्या सोचते हे महान मातृ-पितृ भक्त पुंडलिक के बारे मे.

Mythak
Share
Published by
Mythak

Recent Posts

क्यों महारथी कर्ण महाभारत का सबसे महान व्यक्ति था ?

महारथी कर्ण के प्रती हमारा प्रेम जाहीर हे, और इस प्रेम का कारण हे महारथी…

1 year ago

येसाजी कंक- हाथी को रोंदने वाला मराठा |Yesaji Kank Warrior Who Defeated Elephant

[येसाजी कंक- हाथी को रोंदने वाला मराठा |Yesaji Kank Warrior Who Defeated Elephant] हिंदवी स्वराज्य...…

2 years ago

Sacred Games 2 : एपिसोड के नामो कि Intersting कहानिया

सेक्रेड गेम्स का दूसरा सीजन launch हो चूका हे, पर पहले सीजन के मुकाबले इस…

2 years ago

क्या हे बलुच लोगो का इतिहास और उनकी कहाणी ??

क्या हे बलुचिस्तान?? कोण हे बलुच? पाकिस्तान के पूर्व मे ईरान अफगानिस्तान और पाकिस्तान इन…

2 years ago

धर्मरक्षक संभाजी महाराज का इतिहास | Chhatrapati Sambhaji Maharaj History in Hindi

धर्मरक्षक छत्रपती संभाजी महाराज महाराष्ट्र के महान राजा छत्रपती शिवाजी महाराज कि ही तहर शेर…

2 years ago

पृथ्वी वल्लभ कि संपूर्ण कहाणी | Prithvi Vallabha Real Story

पृथ्वी वल्लभ क्या हे ? पृथ्वी वल्लभ कौन है ? (Who is Prithvi Vallabha) पृथ्वी…

2 years ago